36 C
Lucknow
Monday, March 30, 2026
Home Blog Page 4223

CAT के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ये हैं देश के टॉप IIM कॉलेज

0
CAT-2024
CAT-2024

कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट (CAT) 2024 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर निर्धारित की गई है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस साल IIM 24 नवंबर को 170 शहरों में परीक्षा का आयोजन करेगा, जिसके लिए एडमिट कार्ड 5 नवंबर को जारी होगा और रिजल्ट जनवरी 2025 के दूसरे हफ्ते में आ सकता है. दरअसल, कैट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके तहत छात्रों को देश के टॉप बिजनेस स्कूलों और खासकर आईआईएम (IIM) में एमबीए में दाखिला मिलता है.

आवेदन शुल्क

आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन करने वाले सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क अब 2500 रुपये देने होंगे, जबकि पहले यह राशि 2400 रुपये थी, जबकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,250 रुपये है, जो पहले 1200 रुपये था.

पात्रता

स्नातक डिग्री: कम से कम 50 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए; अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और विकलांग (पीडब्ल्यूडी) कैटेगरी के उम्मीदवारों के मामले में 45 प्रतिशत अंक.

स्नातक डिग्री/समकक्ष योग्यता परीक्षा के अंतिम वर्ष में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी और जिन्होंने डिग्री की आवश्यकताएं पूरी कर ली हैं और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, वो भी आवेदन कर सकते हैं.

कैसे करें आवेदन

– सबसे पहले तो कैट की आधिकारिक वेबसाइट https://iimcat.ac.in/ पर जाएं और यूजर आईडी और पासवर्ड बनाने के लिए रजिस्टर करें. एप्लिकेशन फॉर्म भरने के लिए जनरेटेड यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें.
रजिस्ट्रेशन और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए डिटेल्स भरने और ऑनलाइन भुगतान करने के बाद एप्लिकेशन फॉर्म जमा करें.
– रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस को उस मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा.
– एक बार ओटीपी सत्यापित हो जाने पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा.
– ध्यान रहे कि एक बार भुगतान हो जाने और एप्लिकेशन फॉर्म जमा हो जाने के बाद आवेदकों को उसमें कोई भी परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

आरक्षित सीटें कितनी हैं?

15 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उम्मीदवारों के लिए 7.5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं.

27 प्रतिशत सीटें ‘नॉन क्रीमी’ लेयर (एनसी-ओबीसी) से संबंधित अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत तक सीटें आरक्षित हैं.

परीक्षा का पैटर्न क्या है?

परीक्षा में तीन सेक्शन शामिल होंगे, जिसमें डेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग, वर्बल एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड शामिल हैं.

प्रश्न पत्र में दो प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें मल्टीपल चॉइस क्वेशचन यानी बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) और टाइप-इन-द-आंसर (टीआईटीए) शामिल हैं, जिनका कुल स्कोर 198 अंक होगा.

कौन से हैं देश के टॉप IIM कॉलेज?

देश भर में 21 आईआईएम कॉलेज हैं, जिसमें आईआईएम अहमदाबाद पहले नंबर है, जबकि दूसरे नंबर पर आईआईएम बैंगलोर, तीसरे नंबर पर आईआईएम कोझीकोड, चौथे नंबर पर आईआईएम कोलकाता, छठे नंबर पर आईआईएम लखनऊ, सातवें नंबर पर आईआईएम मुंबई, आठवें नंबर पर आईआईएम इंदौर, 11वें नंबर पर आईआईएम रायपुर, 12वें नंबर पर आईआईएम रोहतक है और 16वें नंबर पर आईआईएम उदयपुर है.

सावन के सोमवार को शिवालयों में उमड़ेगी भक्तों की भीड़, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सावन के सोमवार की पूर्व संध्या पर शहर के शिवालयों में पूजा की तैयारियां होती रहीं। सावन के महीने में सारा माहौल ही शिव मय दिखाई दे रहा है ऐतिहासिक पांडेश्वर नाथ शिवालय एवं अन्य शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का क्रम चल रहा चल रहा है खास तौर से सोमवार को होने वाली भगवान शिव की विशेष पूजा की तैयारी चलती रही वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की चकचौबंद व्यवस्था कराए जाने के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने दिए हैं।
बताते चलें कि सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है इस कारण से सनातन धर्म को मानने वाले भक्तजन अपने-अपने तरीके से भगवान शिव को इस महीने में मनाने का काम करते हैं कोई व्रत रखकर अनुष्ठान करता है तो कोई गंगा स्नान कर भगवान शिव का अभिषेक करता है सोमवार को सुबह से लेकर शाम तक भगवान शिव की पूजा अर्चना का क्रम चलेगा मंदिरों में सुबह से ही भीड़ ढूंढने की इसी सबको नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन विशेष तैयारी कर चुका है मंदिरों के आसपास फोर्स लगया जाएगा। पांडेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में बेरी गेटिंग लगाए गए हैं जिनमें एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास की व्यवस्था की गई है शिव पूजा के लिए प्रसाद विक्रेताओं व पूजन सामग्री विक्रेताओं की तैयारी भी जोरों पर चलती रही नागेश्वर नाथ से वाले कालेश्वर नाथ शिवालय कोतवालेश्वर नाथ शिवालय महाकाल मंदिर समेत छोटी काशी के नाम से विख्यात नगरी के सशिवालयों में पूजा अर्चना की तैयारी चल चलती रही।

अभिव्यंजना ने जयन्ती पर पुरूषोत्तम दास टंडन,प्रेमचंद्र व मैथिलीशरण गुप्त को किया याद

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था अभिव्यजना ने पुरूषोत्तम दास टंडन, प्रेम चंद्र तथा मेथालीशरण गुप्त की जयंती समारोह सयुक्त रूप से डा.रजनी सरीन के आवास पर संपन्न हुई। वक्ताओं ने तीनों हिंदी सेवियो की हिंदी सेवा पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्राचार्य बद्री विशाल कालेज डा.रश्मि प्रियदर्शनी ने कहा कि तीनों महापुरुषों का हिंदी पर बहुत बड़ा ऋण हैं।
हिंदी विद्वान डा.राजकुमार सिंह ने कहा कि पुरुषोत्तम दास टंडन दृढ़ व्यक्तित्व के धनी थे।उनका निश्चय अटल होता था।हिंदी को उसकी प्रतिष्ठा दिलाने में उन्होंने पूरा जीवन लगा दिया।डा.संतोष पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रकवि मेथाली शरण गुप्त की कविताओं मे भारत की आत्मा बोलती है,वह भारतीय संस्कृति के व्याख्याता महाकवि के रूप में प्रतिष्ठित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही संस्था प्रमुख डा.रजनी सरीन ने कहा कि टंडन, प्रेम चंद्र व गुप्त हिंदी के ब्रह्मा विष्णु शिव है। इन तीनो हिंदी सेवियों के अथक परिश्रम और तपस्या का ही परिणाम है, हिंदी आज विश्व पटल पर एक सशक्त और समर्थ भाषा के रूप में प्रतिष्ठित है।संस्था समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने उपन्यास और कहानियों में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद की प्रतिष्ठा की।जवाहर सिंह गंगवार ने कहा कि प्रेम चंद्र जनता की दबी कुचली आवाज थे। कवि सम्मेलन में एजाज वारसी,डा. कृष्णकांत अक्षर, राजेश हजेला, उपकार मणि उपकार,भारती मिश्रा, प्रीति तिवारी, डा.संतोष पाण्डेय, सुधांशु शर्मा ने अपनी कविताओं का रसास्वादन कराया। इस मौके पर डा.हरिदत्त द्विवेदी, आलोक रायजादा, आलोक पांडेय, संजय गर्ग, त्रिलोकीनाथ गुप्त, कैलाश कटियार,उदय बाथम, ईशान, देवकीनंदन गंगवार, डा.प्रभात अवस्थी, राममुरारी शुक्ला, रविंद्र भदौरिया आदि मौजूद रहे।

आदर्श रामलीला मंडल की बैठक में प्रबल को दोबारा चुनाव गया मंत्री, दशहरा बजरिया फील्ड में मनाये जाने पर का प्रस्ताव

0

फर्रुखाबाद। श्री आदर्श रामलीला मंडल बैठक रविवार को मानस मंच” हुई बैठक की अध्यक्षता लक्ष्मी कात गुप्ता ने की। बैठक में पिछले साल को आय व्यय की समीक्षा एवं इस वर्ष के लिये नई कमेटी के चयन की प्रक्रिया हेतु प्रस्ताव रखा गया जिस पर सर्व सम्मति से प्रबल त्रिपाठी को दोबारा मंत्री बनाया गया तथा बारात संयोजक राजेश कसेरे को बनाया गया।बाकी कमेटी पूर्ववत रही।
बैठक में आय व्यय का ब्योरा कोषाध्यक्ष संजीव दीक्षित द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसे सदस्यों द्वारा अवलोकन के पश्चात स्वीकार किया गया। मानस मंच के सभी सदस्यों ने प्रस्ताव दिया गया कि भारतीय पाठशाला इण्टर कालेज के स्थान पर दशहरा बजरिया फील्ड में मनाया जाये।
सदस्यों द्वारा कमेटी को इनकम टैक्स विभाग में पंजीकरण कराने पर स्वीकृति दी गयी ।

बैठक कमेटी के संरक्षक अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ व श्री राम‌लीला कमेटी ला मंत्री कपिल गुप्ता आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया।

जनता दर्शन में फरियादियाें से बाेले योगी, सबकी समस्या का होगा निस्तारण

0
CM Yogi
CM Yogi

गोरखपुर । गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, सबकी समस्या दूर करने को सरकार संकल्पित है। हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर सुनिश्चित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं।

रविवार सुबह बारिश की आशंका के चलते जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया गया। इस दौरान आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)  ने 400 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। कुछ प्रकरणों पर सीएम योगी ने अफसरों को निर्देशित किया कि वे यह भी पता लगाएं कि यदि किसी पीड़ित को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए।

वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर सरकार का नया कदम: वक्फ एक्ट में 40 बड़े बदलाव प्रस्तावित होंगे झगड़े खत्म

जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने अफसरों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए जिससे उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और चॉकलेट गिफ्ट कर उन्हें खूब पढ़ने को प्रेरित किया।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) की दिनचर्या परंपरागत रही। मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन करने, अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर मत्था टेकने के बाद सीएम योगी गोशाला में पहुंचे और वहां कुछ समय व्यतीत किया। गोशाला में उन्होंने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया।

अचानक भरभरा कर गिर गई मंदिर की दीवार, मलबे में दबकर 9 बच्चों की मौत

0
temple wall collapse
Nine killed in temple wall collapse

सागर। मध्य-प्रदेश के सागर जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां पर शाहपुर में हरदौल मंदिर की दीवार (Temple Wall) अचानक भरभरा कर गिर गई है, जिसके मलबे के नीचे आकर 9 बच्चों की मौत हो गयी है, जबकि कुछ बच्चे घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शाहपुर में हरदौल मंदिर में सावन के महीने में शिवलिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी बीच मंदिर परिसर के बगल में खड़ी दीवार (Temple Wall) अचानक ढह गई, जिससे पास में खेल रहे बच्चे दीवार के मलबे में दब गए।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कुछ बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। मंदिर की दीवार (Temple Wall) तकरीबन 50 साल पुरानी बताई जा रही है।

कन्या विद्या पीठ इंटर कालेज का फर्श धसा, छात्राएं बाल बाल बची

इस हादसे को लेकर जिले के कलेक्टर दीपक आर्य ने कहा, ‘सागर में दीवार के मलबे में दबकर 9 बच्चों की मौत हो गई। कुछ बच्चे घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है। घटना स्थल से सारा मलबा हटा दिया गया है।’