गोरखपुर| रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने बड़ा कदम उठाते हुए नए घरेलू गैस कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब शहर में केवाईसी अपडेट कराने के लिए गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडरों का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। होटल, ढाबे और स्ट्रीट वेंडर सस्ते घरेलू सिलेंडर को ब्लैक में खरीदकर अपने कारोबार में इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे न सिर्फ नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि वास्तविक उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए कंपनियों ने यह सख्त निर्णय लिया है।
अब बिना डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) के सिलेंडर की डिलीवरी पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस कदम से कालाबाजारी करने वाले हाकरों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है और वे अब घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराने में असमर्थ हो गए हैं। ऐसे में व्यावसायिक उपयोग करने वाले लोगों को मजबूरी में कमर्शियल गैस सिलेंडर लेना पड़ रहा है, जो घरेलू सिलेंडर की तुलना में काफी महंगा पड़ता है।
अधिकारियों का कहना है कि एक सामान्य रेस्टोरेंट को महीने में करीब 60 सिलेंडर की जरूरत होती है, जिसके लिए बड़ी संख्या में घरेलू कनेक्शन की आवश्यकता होती है, जो नियमों के तहत संभव नहीं है। ऐसे में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब केवल कमर्शियल गैस कनेक्शन ही लेना होगा।
जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, नए कनेक्शन पर फिलहाल रोक से घरेलू गैस के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और पात्र उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
नए रसोई गैस कनेक्शन पर रोक, कालाबाजारी पर लगेगी लगाम


