फर्रुखाबाद। शहर की प्रमुख सड़कों और मार्गों के नामकरण को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। वरिष्ठ समाजसेवी और बीजेपी नेता सुधांशु दत्त द्विवेदी ने सुझाव दिया है कि यदि शहर की प्रतिष्ठित चिकित्सक रहीं डॉ. रजनी सरीन के सम्मान में किसी मार्ग का नामकरण किया जाना है, तो इसके लिए ऐतिहासिक और प्रशासनिक तथ्यों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस लोहाई रोड को डॉ. रजनी सरीन के नाम पर करने का प्रस्ताव सामने आया है, उसका अपना एक लंबा इतिहास रहा है। यह मार्ग पहले कैप्टन लक्ष्मण स्वरूप मार्ग के नाम से जाना जाता था। बाद में शासन स्तर से इसका नाम बदलकर स्वर्गीय ब्रह्मदत्त मार्ग कर दिया गया था। ऐसे में इस मार्ग का नाम पुनः बदलना ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा विषय बन सकता है।
सुधांशु दत्त द्विवेदी ने शहर की अन्य सड़कों के नाम परिवर्तन का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार रेलवे रोड का नाम बदलकर महियशी महादेवी वर्मा मार्ग रखा गया था। इसी प्रकार चौक से टाउन हॉल तक का मार्ग, जिसे पहले किराना कलां के नाम से जाना जाता था, बाद में शहीद अनिल कुमार दीक्षित-शिव कुमार चतुर्वेदी मार्ग के नाम से नामित किया गया।
उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान नेहरू रोड का वास्तविक ऐतिहासिक नाम कटरा अहमदगंज है। इसलिए यदि डॉ. रजनी सरीन के सम्मान में किसी प्रमुख मार्ग का नामकरण किया जाना है तो नेहरू रोड का नाम बदलकर डॉ. रजनी सरीन मार्ग किया जा सकता है। इससे एक ओर डॉ. सरीन के योगदान को सम्मान मिलेगा तो दूसरी ओर ब्रह्मदत्त मार्ग जैसे पहले से नामित ऐतिहासिक मार्ग की पहचान भी सुरक्षित रहेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में डॉ. रजनी सरीन के नाम पर लोहाई रोड का नामकरण किए जाने का प्रस्ताव सामने आया था। इस पर मंत्री ने नगर पालिका से प्रस्ताव आने के बाद आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही थी।


