हिंगोली: NEET RE-एग्जाम पूरी सफलता के साथ आयोजित हो चुकी हैं। देश भर के लाखों छात्र-छात्राओं ने इसमें भाग लिया। पिछली बार की तरह पेपर लीक न हो इसके लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी। Telegram पर प्रतिबन्ध लगाना हो या वायु सेना की मदद से पेपर एग्जाम सेंटर तक भेजना। सरकार ने वो सबकुछ किया जिससे एग्जाम में चीटिंग को रोका जा सके और विपक्ष को फिर हमला करने का मौका न मिल सके।
हालांकि, इस इस RE-एग्जाम के बावजूद छात्र-छात्राओं के मौत का सिलसिला नहीं रुका महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी सुशील धागे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने मोबाइल फोन पर एक भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे परिवार के सदस्यों को भेज दिया। इसके बाद उसने एक कुएं में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।
करीब 33 सेकंड के वीडियो में सुशील हाथ जोड़कर अपनी मां से माफी मांगता दिखाई देता है। उसने कहा, “मां, मुझे माफ कर देना। आप सुमेध के साथ रहना और अपना अच्छे से ख्याल रखना। मेरी चिंता मत करना। मैं बहुत दर्द में हूं। मुझसे अब कुछ नहीं हो पा रहा है। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा। बस मुझे माफ कर देना।” वीडियो सामने आने के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।
सुशील ने 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में हिस्सा लिया था। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद यह परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें भी वह शामिल हुआ था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया से जुड़े तनाव के बीच यह घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि NEET विवाद के बाद देश के 11 राज्यों में अब तक 22 छात्रों की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं।
इस बीच कांग्रेस गुरुवार को देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी। पार्टी के 28 वरिष्ठ नेता 28 शहरों में मीडिया को संबोधित करेंगे। इनमें दिल्ली में गौरव गोगोई, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत, पुणे में कन्हैया कुमार, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा और चेन्नई में प्रियंक खड़गे समेत कई नेता शामिल हैं।


