कमालगंज/ फर्रुखाबाद । स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर कमालगंज ब्लॉक में जिम्मेदारी की तस्वीर उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब खंड विकास अधिकारी श्वेता कौशिक निर्धारित समय पर ध्वजारोहण कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं और उनके आने से पहले ही तिरंगा फहरा दिया गया। बतौर बीडीओ कमालगंज में यह उनकी पहली तैनाती है और शुरुआती कार्यकाल में ही राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।
बीडीओ के देर से पहुंचने पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शीलचंद राजपूत ने नाराजगी जताई। सफाई में बीडीओ ने कहा कि चालक समय से नहीं पहुंच पाया, इसलिए उन्हें आने में देर हुई। सवाल यह है कि जिस राष्ट्रीय पर्व पर पूरा सरकारी अमला समय से पहले तैयार रहने की जिम्मेदारी निभाता है, वहां एक जिम्मेदार अधिकारी अपनी समयबद्धता की जिम्मेदारी चालक के भरोसे कैसे छोड़ सकती हैं?
खास बात यह है कि शासन स्तर से खंड विकास अधिकारियों को कार्यालय परिसर में उपलब्ध सरकारी आवास में रहने के निर्देश हैं। कमालगंज ब्लॉक परिसर में भी बीडीओ के लिए आवास उपलब्ध है। इसके बावजूद स्वतंत्रता दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम में समय से उपस्थित न होना प्रशासनिक अनुशासन और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।
मामले में जब जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी से बात की गई तो उन्होंने दो टूक कहा यह गलत है। जिला विकास अधिकारी की इस टिप्पणी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सवाल यही है कि राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में हुई इस चूक पर जिम्मेदारी तय होगी या फिर मामला चालक के देर से आने की सफाई तक ही सीमित रह जाएगा?


