– 500 से अधिक अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर रहे कार्य से विरत
– अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री (बैनामा) प्रणाली के विरोध में गुरुवार को फर्रुखाबाद जिले की तीनों तहसीलों—सदर, कायमगंज और अमृतपुर—में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों ने पूर्ण हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के चलते रजिस्ट्री कार्यालयों का कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में बैनामे नहीं हो सके।
तहसील सदर बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव विकास सक्सेना ने बताया कि बार एसोसिएशनों के आह्वान पर 500 से अधिक अधिवक्ता, कातिब और स्टांप वेंडर कार्य से विरत रहे। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए पहुंचे लोग बिना रजिस्ट्री कराए वापस लौट गए।
आंदोलनकारियों का अनुमान है कि रजिस्ट्री कार्य पूरी तरह प्रभावित रहने से एक दिन में करीब 2 से 3 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। यह आंकड़ा आंदोलनकारी पक्ष का दावा है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली से वर्तमान व्यवस्था प्रभावित होगी और इससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप वेंडरों के कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। इसी कारण वे इस प्रणाली का विरोध कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जब तक सरकार प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली को वापस लेने की घोषणा नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रह सकता है। उन्होंने इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल बताते हुए सरकार से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की।
धरने में तहसील सदर बार एसोसिएशन के महासचिव अतुल मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर कटियार, अतुल शाक्य, दिलीप कुमार सक्सेना, संजय कटियार, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सक्सेना, मनोज त्रिवेदी, कायमगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वेश्वर दयाल यादव सहित तीनों तहसीलों के अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालयों में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। अब सभी की निगाहें सरकार और अधिवक्ताओं के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं, जिससे इस विवाद का समाधान निकल सके।


