– छात्रों के परिवारों को मुआवजे की मांग
नई दिल्ली। नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के आरोपों के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
अभिजीत ने अपने पत्र में दावा किया है कि नीट परीक्षा विवाद, पेपर लीक और री-एग्जाम की अनिश्चितता के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही खामियों का सीधा असर लाखों छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ रहा है।
पत्र में प्रधानमंत्री से मांग की गई है कि जिन परिवारों ने कथित रूप से इस विवाद के कारण अपने बच्चों को खोया है, उन्हें एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया है।
अभिजीत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की अपील की है।
नीट परीक्षा को लेकर देशभर में पहले से ही बहस जारी है। ऐसे में सीजेपी संस्थापक द्वारा प्रधानमंत्री को लिखा गया यह पत्र शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुरक्षा और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा को और गति दे सकता है।


