फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह 13 और 14 जून को फर्रुखाबाद के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रभारी मंत्री 13 जून की रात भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के कमालगंज विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत बलीपुर में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और अधिकारियों से मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार रात्रि 8:30 बजे कंपोजिट विद्यालय बलीपुर परिसर में चौपाल का आयोजन किया जाएगा। चौपाल में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों की शिकायतों का मौके पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। चौपाल के दौरान प्राप्त शिकायतों और उनके निस्तारण का अलग-अलग अभिलेख तैयार किया जाएगा, ताकि समस्याओं के समाधान की निगरानी की जा सके। विकास खंड कमालगंज द्वारा तैयार कराई गई विभागीय रिपोर्ट और योजनाओं की प्रगति का भी प्रभारी मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि केवल बलीपुर ही नहीं बल्कि आसपास की ग्राम पंचायतों से आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना जाएगा। किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न करने और अधिक से अधिक मामलों का मौके पर समाधान कराने पर जोर दिया गया है।
प्रभारी मंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे शासन से जोड़ने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की जाएगी।
भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाली इस चौपाल को लेकर ग्रामीणों में भी उत्सुकता है। लंबे समय से लंबित सड़क, बिजली, आवास, पेंशन और राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपाल में पहुंच सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चौपाल में उठने वाले मुद्दों पर प्रशासनिक मशीनरी कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।


