तेहरान/नई दिल्ली। भारतीय नागरिकों की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में नया मोड़ आ गया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इसमेंल बघाई ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमले अमेरिका की “लूट और सरकारी चोरी की नीति” का प्रमाण हैं।
बघाई ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि अमेरिकी हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने मृत भारतीय नाविकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारतीय जनता और भारत सरकार के प्रति भी अपनी गहरी सहानुभूति प्रकट की।
ईरानी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अमेरिका की कार्रवाइयां न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका को उसके कथित गलत कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को भी प्रभावित कर रही हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने भी ओमान तट के निकट एक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है और क्षेत्र में तनाव कम करने तथा कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में एक वाणिज्यिक टैंकर को निशाना बनाया गया था, जिसमें भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। इस घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। भारत, अमेरिका और ईरान के बीच इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, जबकि वैश्विक समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


