विपिन सिंह
कमालगंज। विकास के दावों के बीच कमालगंज क्षेत्र की संयोगितामार्ग-अस्तल संपर्क सड़क बदहाली की कहानी बयां कर रही है। कई गांवों को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग आज गहरे गड्ढों और उखड़ी हुई सड़क में तब्दील हो चुका है। हालत यह है कि वाहन चालकों से लेकर स्कूली बच्चों तक हर कोई जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है। लगातार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
मुख्य संयोगिता मार्ग से चमन नगरिया, महावीर नगला, रामनगरा, अस्तल, भिम्मीनगला होते हुए गंगा नदी पर बने नवनिर्मित पुल तक जाने वाला यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, किसान, छात्र और श्रद्धालु इसी सड़क से आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। साइकिल से स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं अक्सर सड़क पर बिखरे पत्थरों और गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात का मौसम नजदीक आने के कारण सड़क की स्थिति और भी खतरनाक होती जा रही है।
अस्तल स्थित माँ त्रिपुरसुंदरी मंदिर के महंत अशुतोषानंद बाजपेयी ने कहा कि यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सड़क की बदहाली के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र निवासी अजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, वंश बाजपेयी, गोलू, ओंकार, दिवारी लाल, अमर सिंह यादव, राकेश, वेदराम और सुनील सिंह सहित अनेक ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क निर्माण एवं मरम्मत की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं कराया गया तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्रवासियों का सवाल है कि आखिर कई गांवों को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क की सुध कब ली जाएगी?


