
थाना प्रभारी निरीक्षक सुदेश कुमार समेत कई घायल
फर्रुखाबाद। थाना कादरीगेट क्षेत्र के गांव चाचूपुर में शुक्रवार को उस समय हालात बेकाबू हो गए जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक का शव मिलने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। देखते ही देखते गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और पुलिस टीम पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए गए। अचानक हुए पथराव से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। इस हिंसक घटनाक्रम में थाना प्रभारी सुदेश कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है।
जानकारी के मुताबिक गांव निवासी युवक का शव संदिग्ध हालात में मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने युवक की मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हुए हत्या की आशंका जताई। लोगों का आरोप था कि मामले में सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है।
सूचना मिलते ही थाना कादरीगेट पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक रूप ले बैठी। भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया और चारों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पथराव इतना जबरदस्त था कि पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। थाना प्रभारी सुदेश कुमार के अलावा कई सिपाहियों को सिर और शरीर में चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए और क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए। ग्रामीणों के उग्र तेवर देखकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। कई थानों की फोर्स, पीएसी और अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को गांव में तैनात किया गया। पूरे चाचूपुर गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और हालात नियंत्रित करने में जुट गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव की गलियों में भारी पुलिस बल गश्त कर रहा है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अब पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज और मोबाइल रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। कई संदिग्ध लोगों को चिन्हित किए जाने की चर्चा भी सामने आ रही है।
युवक की मौत को लेकर फिलहाल पुलिस खुलकर कुछ भी बोलने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। वहीं ग्रामीण लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना ने एक बार फिर जिले में कानून व्यवस्था और ग्रामीण आक्रोश को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह पुलिस टीम पर खुलेआम हमला हुआ, उसने प्रशासनिक तंत्र को भी सकते में डाल दिया है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


