गाजीपुर के कटारिया गांव में युवती की मौत के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला बोलते हुए कहा कि एक बेटी की मौत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, डेढ़ बीघा जमीन का पट्टा और मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराया है।
राजभर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वह स्वयं गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत डूबने से होने की पुष्टि हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में युवती अकेले जाती हुई दिखाई दी है।
मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा को सीमित लोगों के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए, जिससे तनाव की स्थिति बनी और पथराव जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के हत्या या दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाना गलत है और इससे समाज में भ्रम फैलता है।
इस बीच, मामले को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस ने भी जांच के लिए गाजीपुर पहुंचने की तैयारी की है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संदेश के बाद कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल गांव का दौरा करेगा और पूरी स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेगा। कांग्रेस नेताओं ने मामले की सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है।
कुल मिलाकर यह मामला अब स्थानीय घटना से बढ़कर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। एक तरफ सरकार अपनी जांच और राहत पैकेज को सही ठहरा रही है, वहीं विपक्ष इसे गंभीर आपराधिक मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। इस टकराव के बीच गांव की घटना लगातार सियासी बहस का केंद्र बनी हुई है।


