लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने जानवरों के आहार में तरबूज, खरबूज और खीरे जैसे पानी से भरपूर फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ा दी है, ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो।
चिड़ियाघर प्रशासन ने टाइगर, जिराफ और हिरन जैसे जानवरों के बाड़ों में कूलर, पानी के फव्वारे और छायादार व्यवस्था की है। फव्वारों के चलते बाड़ों का तापमान काफी हद तक नियंत्रित हो रहा है और आर्द्रता भी संतुलित बनी रहती है। कई जगहों पर हिरनों को पानी में खेलते और ठंडक का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है।
निदेशक संजय कुमार विश्वाल के अनुसार, सभी बाड़ों के तालाबों की मरम्मत कर उनमें नियमित रूप से ताजा पानी भरा जा रहा है, ताकि जानवर आवश्यकता पड़ने पर स्नान कर सकें। यह व्यवस्था विशेष रूप से गर्मी के तनाव को कम करने के लिए की गई है और इससे वन्यजीव अधिक सक्रिय और स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं।
पक्षियों के लिए भी विशेष सावधानियां बरती गई हैं। उनके बाड़ों में हरे परदे, चटाई और खस जैसी प्राकृतिक छायादार सामग्री लगाई गई है, जिससे उन्हें सीधे धूप से बचाया जा सके। बत्तखों के तालाब के आसपास भी अतिरिक्त छाया की व्यवस्था की गई है, ताकि वे आराम से रह सकें।
प्रशासन ने शाकाहारी वन्यजीवों के आहार में भी बदलाव किया है और ऐसे मौसमी फल व सब्जियां शामिल की हैं जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। इन प्रयासों का उद्देश्य गर्मी के दौरान सभी जानवरों को सुरक्षित, स्वस्थ और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के मौसम का सामना कर सकें।


