फर्रुखाबाद
जनपद में सातनपुर मंडी रोड पर चल रहा सड़क चौड़ीकरण का कार्य लोगों की जान पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की देखरेख में हो रहे इस निर्माण कार्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि स्थानीय लोग इसे “कछुआ गति” का काम बता रहे हैं। सड़क किनारे की गई गहरी खुदाई और शुरू हो चुकी बारिश ने हालात और भी खतरनाक बना दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के एक हिस्से को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे राहगीरों, बाइक सवारों और स्कूली बच्चों को रोजाना जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बारिश का पानी खुदाई वाले हिस्सों में भरने लगा है, जिससे खतरा कई गुना बढ़ गया है। लोगों का सवाल है कि यदि किसी दुर्घटना में किसी की जान जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में पहले से ही अमानक सामग्री और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके विरोध के बाद काम रोकना पड़ा। इसके बावजूद अब तक न तो जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम उठाया है और न ही निर्माण की गति बढ़ाई गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है और संभावित हादसे का इंतजार कर रहा है।
कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली के कारण सरकार की छवि धूमिल हो रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप और तेजी से पूरा कराने की मांग की है।
बरसात के मौसम में खुली खुदाई और अधूरा निर्माण किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह चेतावनी के बाद जागता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई की औपचारिकता निभाई जाएगी।


