लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के कई पुराने, जर्जर और बदहाल कॉम्प्लेक्स को हटाकर उन्हें नए रूप में विकसित करने की बड़ी योजना शुरू की है। यह काम उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 के तहत किया जाएगा। योजना का उद्देश्य शहर के व्यावसायिक और आवासीय ढांचे को आधुनिक बनाना है।
एलडीए द्वारा वजीर हसन रोड स्थित अपार्टमेंट मॉडल की तर्ज पर ही अन्य क्षेत्रों में भी पुनर्विकास किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले विस्तृत सर्वे कराया जाएगा, ताकि यह तय किया जा सके कि किन इमारतों को किस तरह नए सिरे से विकसित किया जाए।
एलडीए उपाध्यक्ष (वीसी) प्रथमेश कुमार ने इस योजना को लेकर आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक भी की है। बैठक में नए डिजाइन, निर्माण मॉडल और क्षेत्रवार विकास योजना पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि पुनर्विकास कार्य व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सके।
नई नीति के अनुसार किसी भी भवन को तोड़कर पुनर्विकास करने से पहले 60 प्रतिशत आवंटियों की सहमति अनिवार्य होगी। इसी सहमति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सर्वे और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
प्राधिकरण के अनुसार जिन इमारतों को पुनर्विकसित किया जाना है, उनमें कई जगह अवैध कब्जे और जर्जर स्थिति पाई गई है। इन्हें हटाकर आधुनिक व्यावसायिक और आवासीय कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का स्वरूप बदल जाएगा।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा कि यह योजना न केवल शहर के पुराने ढांचे को नया जीवन देगी, बल्कि वहां रहने और व्यापार करने वाले लोगों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। इस योजना पर आगे की रणनीति तय करने के लिए जल्द ही एक और बैठक आयोजित की जाएगी।


