लखनऊ। रामा यूनिवर्सिटी, कानपुर के विधि संकाय के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण के तहत उत्तर प्रदेश विधानसभा का दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट की और संसदीय व्यवस्था, विधायी प्रक्रिया तथा सदन की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से संवाद किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को विधानसभा और विधानपरिषद के बीच अंतर समझाते हुए विधानमंडल की दोनों संस्थाओं की भूमिका के बारे में बताया। साथ ही विधेयकों के निर्माण और पारित होने की प्रक्रिया, सदन में चर्चा तथा जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने विद्यार्थियों को बताया कि विधानसभा केवल सदन में होने वाली बहस और कानून बनाने तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि यह जनता की आकांक्षाओं और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने तथा उन पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विधानसभा की भूमिका और उसके कामकाज की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाते हैं।
महाना ने विद्यार्थियों को विधानसभा की विभिन्न समितियों की भूमिका और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि सदन की समितियां विभिन्न विषयों और सरकारी कार्यों की गहन समीक्षा करती हैं तथा संसदीय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थियों ने समितियों के गठन, उनके कामकाज और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा भवन का भ्रमण किया और सदन की कार्यवाही तथा विधायी प्रक्रिया को नजदीक से समझा। विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष से अपनी जिज्ञासाएं साझा करते हुए संसदीय व्यवस्था से जुड़े सवाल भी पूछे।
विद्यार्थियों ने कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संवैधानिक और विधायी व्यवस्थाओं को विधानसभा में प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर उनके लिए बेहद उपयोगी रहा।
विशेष रूप से विधानसभा की भूमिका, समितियों की कार्यप्रणाली और विधानपरिषद के संबंध में मिली जानकारी ने उनके ज्ञान को और व्यापक बनाया। यह शैक्षिक भ्रमण उनके लिए कानून की पढ़ाई को लोकतंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण और यादगार अनुभव रहा।


