प्रयागराज।यमुनानगर जोन के मेजा क्षेत्र में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है, जहां एक मामूली लापरवाही ने बड़ी घटना का रूप ले लिया। गंगा नदी पर बने पांटून ब्रिज पर खड़ी बोलेरो गाड़ी अचानक फिसलकर सीधे नदी में समा गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गाड़ी का ड्राइवर गुटखा खाने के लिए वाहन से नीचे उतरा था। इसी दौरान उसने सबसे बुनियादी सुरक्षा—हैंड ब्रेक लगाना—नजरअंदाज कर दिया। यही चूक भारी पड़ गई। कुछ ही सेकंड में गाड़ी धीरे-धीरे खिसकी और देखते ही देखते पांटून ब्रिज से फिसलकर गंगा में जा गिरी।
घटना के वक्त पुल पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम ने काफी मशक्कत के बाद गाड़ी को नदी से बाहर निकलवाया।
गनीमत रही कि हादसे के समय गाड़ी में कोई सवार नहीं था, वरना यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी। लेकिन यह सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि क्या पांटून ब्रिज जैसे अस्थायी और संवेदनशील ढांचे पर सुरक्षा नियमों का पालन सिर्फ कागजों तक सीमित है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस तरह के पुलों पर न तो पर्याप्त सुरक्षा बैरियर होते हैं और न ही कोई सख्त निगरानी। ऐसे में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
लापरवाही की हद—पांटून ब्रिज से गंगा में समाई बोलेरो, चंद सेकंड में हुआ हादसा


