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Monday, April 27, 2026

आग उगलती गर्मी से यूपी बेहाल, रात में बूंदाबांदी का संकेत

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– लेकिन राहत कितनी?
लखनऊ।प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात ऐसे हैं कि दिन में सड़कों पर सन्नाटा और अस्पतालों में भीड़ बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ सामान्य गर्मी नहीं, बल्कि खतरनाक स्तर की हीटवेव बन चुकी है।
प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बनकर सामने आया, जहां तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं प्रयागराज भी पीछे नहीं रहा—यहां 45.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कई डिग्री ऊपर है। राजधानी लखनऊ में भी पारा 41 डिग्री पार कर गया, जिससे शहरी जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 40 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और प्रयागराज जैसे जिलों में स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है, जहां दोपहर के समय बाहर निकलना सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। लखनऊ, बाराबंकी और वाराणसी जैसे बड़े शहर भी इस लू की चपेट में हैं, जबकि फिरोजाबाद और मैनपुरी सहित कई जिलों में भी चेतावनी जारी की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्कूलों के समय में बदलाव, दफ्तरों में उपस्थिति में गिरावट और ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत—ये सब इस भीषण गर्मी के प्रत्यक्ष असर हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनौपचारिक आंकड़ों के मुताबिक, हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में पिछले 48 घंटों में करीब 20-30% तक वृद्धि दर्ज की गई है।
हालांकि इस झुलसाती गर्मी के बीच एक राहत की खबर भी सामने आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज देर रात या कल सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह बूंदाबांदी लू की तीव्रता को कुछ हद तक कम कर सकती है, लेकिन विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि यह राहत अस्थायी होगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण यह बदलाव दिख रहा है, लेकिन अभी बड़े स्तर पर तापमान में गिरावट की उम्मीद नहीं है। यानी दिन में लू और रात में हल्की बारिश यूपी फिलहाल इसी दोहरी मार को झेलने के लिए मजबूर है।
प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई जिलों में अभी तक न तो पर्याप्त ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है और न ही सार्वजनिक स्थानों पर शेड या राहत केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सरकार सिर्फ अलर्ट जारी करके अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रही है?
फिलहाल साफ है उत्तर प्रदेश में गर्मी का कहर अपने चरम पर है और आने वाले 48 घंटे बेहद अहम साबित होने वाले हैं। बूंदाबांदी राहत देगी या उमस बढ़ाएगी, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन जनता के लिए यह वक्त बेहद सतर्क रहने का है।

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