– लिंक एक्सप्रेसवे की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया भी अधर में
– आंदोलन को धार देने मे आगे आनें लगे वकील भी
– बोले जिलाध्यक्ष अजय कटियार आर पार होगा आंदोलन
फर्रुखाबाद।लिंक एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर चल रही प्रक्रिया किसान आंदोलन से थमने लगी है फार्मर रजिस्ट्री को लेकर शुरू हुआ विरोध अब केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का विरोध नहीं रह गया है, बल्कि यह किसानों और प्रशासन के बीच भरोसे की बड़ी लड़ाई बनता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) जिलाध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस नेता अजय कटियार ने सरकार से खुला मोर्चा खोल दिया है।जिससे किसान अब रजिस्ट्री के लिए निकलना बंद हो गया है, अब वकील समुदाय भी जिलाध्यक्ष के समर्थन मे आगे आ रहा क्योंकि वो खुद रजिस्टर्ड वकील भी हैं।
जानकारों का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण और अभिलेखीय सत्यापन की प्रक्रिया भी प्रभावित होने लगी है।
आंदोलन को उस समय नया आयाम मिला जब फतेहगढ़ कचहरी के अधिवक्ता अवधेश मिश्रा और उनके समर्थक कई वकील भी अंदर खाने किसानों के पक्ष में सक्रिय खड़े होने लगे । दावा है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मामला उच्च न्यायालय तक ले जाया जायेगा । किसान नेताओं और अधिवक्ताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा हो रही है।कि कैसे सरकार को घेर अधिकारियों पर घेरावंदी की जाये।बता दें कि वकील अवधेश मिश्रा नें अकेले करीब तीस रिट याचिकायें प्रशाशनिक और शासन के खिलाफ डाल महारत हासिल कर रखा है, किसान नेता उनके अनुभव का लोहा मानते हैं।
सूत्रों के अनुसार किसान संगठन ने अब गांव स्तर पर समितियां गठित करने, तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन तेज करने और जनजागरण अभियान चलाने की योजना बनाई है।
दूसरी ओर प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के खिलाफ नहीं बल्कि उनके हितों की सुरक्षा के लिए बनाई गई व्यवस्था है।


