नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक बार फिर चर्चा में हैं। इसी बीच उनके चुनावी शपथपत्र में घोषित संपत्ति को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान और उनके परिवार के पास करीब ₹2.32 करोड़ की चल एवं अचल संपत्ति घोषित है। वहीं, उन पर लगभग ₹32.79 लाख की देनदारियां भी दर्ज हैं।
संपत्ति के विवरण में उनकी पत्नी के पास लगभग 500 ग्राम (आधा किलो) सोना और करीब 10 किलोग्राम चांदी होने का उल्लेख है। इसके अलावा बैंक जमा, निवेश, वाहन और अन्य परिसंपत्तियां भी घोषित की गई हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर भी काफी लंबा रहा है। उनके पिता डॉ. देवेन्द्र प्रधान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
हाल के दिनों में एनटीए में बड़े प्रशासनिक बदलाव, परीक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में हैं। ऐसे में उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और घोषित संपत्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है।


