अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाला मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटाने की मांग एक बार फिर दोहराई है। बुधवार को उन्होंने अदालत में नया हलफनामा दाखिल कर जज की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
अपने हलफनामे में केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस शर्मा के दोनों बच्चे तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि तुषार मेहता, जो इस मामले में CBI की ओर से पेश हो रहे हैं, उनके बच्चों को केस सौंपते हैं। ऐसे में जज के लिए उनके खिलाफ निष्पक्ष आदेश देना कठिन हो सकता है।
इससे पहले 13 अप्रैल की सुनवाई में भी केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा को केस से हटाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि जज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रही हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
यह मामला अब न्यायिक निष्पक्षता और हितों के टकराव (कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) की बहस को और तेज कर रहा है, जिस पर अदालत का रुख आगे महत्वपूर्ण रहेगा।


