कंपिल,फर्रुखाबाद । विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर चल रहा विवाद राजस्व अधिकारियों की सख्त हिदायत के बावजूद थमता नजर नहीं आ रहा है। अधिकारियों द्वारा भूमि की वर्तमान स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए जाने के बाद भी विवादित खेत में फसल बोने के प्रयास की बात सामने आई है। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद प्रशासन के सामने एक बार फिर शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
मामला सिकंदरपुर तिहैया गांव की करीब साढ़े नौ बीघा भूमि से जुड़ा है। गाटा संख्या 129/1 और 129/2 को लेकर रामप्रकाश और सरला देवी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों गाटों का क्षेत्रफल क्रमश: 0.384 और 0.45 हेक्टेयर बताया गया है। भूमि से संबंधित रामप्रकाश बनाम सरला देवी का वाद राजस्व परिषद, लखनऊ में विचाराधीन है और अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को निर्धारित है।
राजस्व विभाग के अनुसार, नायब तहसीलदार हर्षित सिंह ने मौके का निरीक्षण कर दोनों पक्षों को विवादित भूमि की मौजूदा स्थिति में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि अधिकारी के मौके से लौटने के बाद सरला देवी पक्ष की ओर से विवादित खेत में फसल बोने का प्रयास किया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर लेखपाल श्वेतांशु अग्निहोत्री ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई है। राजस्व परिषद की ओर से भी वाद के दौरान भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने तथा किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित न करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
इसी भूमि विवाद को लेकर 9 अगस्त को भी तनाव की स्थिति बन चुकी है। आरोप है कि सरला देवी पक्ष के लोग ट्रैक्टर लेकर विवादित खेत की जुताई करने पहुंचे थे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर देवेंद्र को हिरासत में लिया था।
आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस से झड़प की और ट्रैक्टर को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर मौके से ले गए। घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। पुलिस ने मामले में देवेंद्र का शांति भंग की आशंका में चालान किया था।
अब दोबारा विवादित भूमि पर बोआई के प्रयास की बात सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। राजस्व वाद का निस्तारण होने तक भूमि की स्थिति में बदलाव रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
एसडीएम अभिषेक वर्मा ने बताया कि दोनों पक्ष भूमि पर अपना-अपना कब्जा होने का दावा कर रहे हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और प्रकरण की जांच की जा रही है।


