– सगे चाचा, चाची को ताबड़तोड़ गोलियां चला मौत के घाट उतार देने का आरोप
– गैंगेस्टर भाई समेत छः साथी हैँ साथ मे फ़से
मैनपुरी, फर्रुखाबाद । बेवर के नवीगंज में 21 साल पहले हुए दंपती हत्याकांड की बंद पड़ी फाइल एक बार फिर खुल गई है। वर्ष 2005 में कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा दुबे की हत्या के मामले में नामजद रहे राज्य स्तरीय माफिया अनुपम दुबे को 17 अगस्त को मथुरा जेल से बी-वारंट पर मैनपुरी न्यायालय में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अनुपम दुबे का 14 दिन का रिमांड मंजूर किया।
पुलिस के अनुसार पुराने मामले में विवेचना से जुड़े पहलुओं को खंगाला जा रहा है। न्यायालय में अभियोजन ने मामले की गंभीरता और आगे की जांच की आवश्यकता पर अपना पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों पर सवाल उठाए। पेशी के दौरान अनुपम दुबे ने खुद को षड्यंत्र के तहत फंसाए जाने का आरोप भी लगाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
6 अगस्त 2005 को हुई थी दंपती की हत्या
मामला 6 अगस्त 2005 का है। नवीगंज कस्बे में कौशल किशोर दुबे और उनकी पत्नी कृष्णा दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले में अनुपम दुबे समेत छह लोगों को नामजद किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मामले में पहले साक्ष्यों के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने के बाद अब मृतका की पुत्री की शिकायत पर पुराने प्रकरण की दोबारा जांच की जा रही है।
1987 में दर्ज हुआ था पहला मुकदमा
अनुपम दुबे का आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहला मुकदमा 1987 में फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में दर्ज हुआ था। बाद के वर्षों में उसके खिलाफ हत्या, डकैती, जमीन पर कब्जे, धोखाधड़ी, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए।
पुलिस रिकॉर्ड और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2025 तक अनुपम दुबे के खिलाफ 65 मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें गंभीर आपराधिक धाराओं के मामले भी शामिल हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमों की संख्या और उन मामलों में दोषसिद्धि एक ही बात नहीं है।
इंस्पेक्टर रामनिवास यादव हत्याकांड में उम्रकैद
अनुपम दुबे इस समय मथुरा जेल में बंद है। इंस्पेक्टर रामनिवास यादव हत्याकांड में दिसंबर 2023 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह मामला 14 मई 1996 को अनवरगंज स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की गोली मारकर हत्या से जुड़ा है।
100 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों पर कार्रवाई
अपराध से अर्जित संपत्तियों को लेकर भी प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है। जुलाई 2025 की पुलिस कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 1 अरब 71 करोड़ नौ लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी थी। वहीं अप्रैल 2026 में मैनपुरी के नवीगंज में करीब छह बीघा जमीन, जिसकी कीमत 12.96 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई, कुर्क किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
अब 21 साल पुराने हत्याकांड पर नजर
अब नवीगंज के दोहरे हत्याकांड में अनुपम दुबे की पेशी और 14 दिन के रिमांड ने पुराने मामले को फिर केंद्र में ला दिया है। पुलिस की आगे की विवेचना में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और अदालत में कौन से साक्ष्य रखे जाते हैं, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।


