नई दिल्ली। चर्चित राम धन गबन प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सर्वोच्च न्यायालय में अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) प्रस्तुत कर दी है। यह रिपोर्ट न्यायालय को सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई, जिससे जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखी जा सके।
मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विशेष जांच दल द्वारा अब तक की गई जांच, जुटाए गए साक्ष्यों तथा जांच की वर्तमान स्थिति से संबंधित विवरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकरण में एसआईटी की यह प्रगति रिपोर्ट अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके आधार पर सर्वोच्च न्यायालय आगे की न्यायिक प्रक्रिया, जांच की दिशा तथा आवश्यक निर्देशों पर विचार कर सकता है।
अब न्यायालय सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अगली सुनवाई की तिथि तय करेगा और आवश्यकतानुसार आगे के आदेश जारी करेगा। इस बहुचर्चित प्रकरण पर न्यायिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।
सर्वोच्च न्यायलय मे मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई जांच रिपोर्ट


