लखनऊ
प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल में ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हो गया। कुल 16 जिलों में तापमान 40°C या उससे अधिक दर्ज किया गया, जबकि कई स्थानों पर लू जैसे हालात बन गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, सबसे अधिक गर्मी बांदा में दर्ज की गई, जहां पारा 44.8°C तक पहुंच गया। इसके अलावा प्रयागराज में 43°C, वाराणसी में 42.8°C, झांसी में 41.4°C और सुल्तानपुर में 41.3°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है, जबकि सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखा जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लखनऊ स्थित मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 10 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने से अगले 4–5 दिनों में तापमान 3 से 6 डिग्री तक और बढ़ सकता है, जिससे कई जिलों में पारा 45°C तक पहुंचने की आशंका है।
भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखने लगा है। कानपुर चिड़ियाघर में जानवरों को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गैंडों के लिए कीचड़ का तालाब बनाया गया है, जिससे वे शरीर को ठंडा रख सकें। वहीं शेर और हिरण जैसे जानवरों पर पानी की फुहारें (स्प्रिंकलर) डाली जा रही हैं ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके।
फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है और स्वास्थ्य विभाग को हीटवेव से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।


