पलामू: झारखंड के वित्त मंत्री (Finance Minister) राधाकृष्ण किशोर मंगलवार को नावाबाजार प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण (Surprise inspection) करने पहुंचे। मंत्री के पहुंचते ही प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खुल गई। मुख्य गेट पर ताला लटका था और कार्यालय में न कोई अधिकारी मिला, न कर्मचारी। मंत्री ने मौके की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए तत्काल पलामू के उपायुक्त को फोन किया और पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अधिकारियों की पहल पर कार्यालय का ताला खुलवाया गया।
कार्यालय खुलने के बाद निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। इसके बाद मंत्री ने अंचल निरीक्षक से अंचल कार्यालय से जुड़े कार्यों और मौजूदा व्यवस्था की जानकारी ली। अंचल निरीक्षक ने बताया कि इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कार्य में पदाधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसी वजह से कार्यालय में नियमित उपस्थिति प्रभावित हुई है।
हालांकि, मंत्री इस जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी किसी दूसरे कार्य में लगी हो, लेकिन इसका असर आम लोगों से जुड़े कार्यालयों के कामकाज पर नहीं पड़ना चाहिए।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति बेहतर होना जरूरी है। दूर-दराज से अपनी समस्याएं लेकर आने वाले ग्रामीणों को अधिकारी-कर्मियों की गैरमौजूदगी के कारण परेशान नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा कार्यालय की व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अंचल कार्यालय की अन्य व्यवस्थाओं, लंबित कार्यों और आम लोगों से जुड़े मामलों की भी जानकारी ली।


