काठमांडू: नेपाल (Nepal) में आई विनाशकारी बाढ़ (floods) ने भारी तबाही मचा दी है। रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue operation) लगातार जारी है, लेकिन मृतकों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1,003 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। करीब 4,000 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि सुरक्षा बलों ने लगभग 12,000 लोगों को सुरक्षित बचाया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
यह विनाशकारी बाढ़ 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के गिरने तथा हिमस्खलन के बाद आई। अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। हिमालयी क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया। देखते ही देखते बाढ़ का पानी घरों, वाहनों, सड़कों, पुलों और पशुओं को बहाकर ले गया। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, सबसे ज्यादा शव चितवन में 321 बरामद हुए हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 216, नवलपरासी वेस्ट में 170, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धाडिंग में 57, रसुवा में 41 और तनहुन में 38 शव मिले हैं। बाढ़ के बाद एक और बड़ी चुनौती लापता लोगों की पहचान को लेकर सामने आई है। पोखरा के एक सरकारी अस्पताल में रखे शव नंबर 1003 को अपना परिजन बताते हुए तीन परिवारों ने दावा किया है।
कई दिनों तक पानी में रहने के कारण शवों की हालत बेहद खराब है, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में परिजनों के लिए सिर्फ शारीरिक बनावट के आधार पर अपने प्रियजनों की पहचान करना बेहद कठिन हो गया है। नेपाल में इस बीच वायरल हुए ‘ग्रीन हाउस’ की मालकिन का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि वे इस भीषण आपदा में बच निकलने को अपनी खुशकिस्मती मानती हैं।


