कौशांबी
पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में लूट की एक कथित घटना का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि वादी ने कर्ज के दबाव से बचने के लिए खुद ही फर्जी लूट की कहानी रची थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, विमल कुमार ने 2 मई को शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने उसे बंधक बनाकर नगदी और सोने की चेन लूट ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल की।
जांच के दौरान CCTV फुटेज, सर्विलांस डेटा और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई। इन सबूतों से स्पष्ट हुआ कि घटना संदिग्ध है और वादी के बयान में कई विरोधाभास हैं, जिससे पुलिस का शक गहराता गया।
कड़ी पूछताछ में आरोपी ने सच कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अरविंद यादव से करीब 50 हजार रुपये उधार लिए थे और कुल मिलाकर लगभग 6.5 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज लौटाने के दबाव से बचने के लिए उसने यह पूरी साजिश रची।
आरोपी ने खुद को बंधक बनाने और लूट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया, ताकि पैसे वापस न करने पड़ें। हालांकि पुलिस की सख्त जांच के आगे उसकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
मामले का खुलासा करते हुए सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि पुलिस ने हर पहलू की गहन जांच के बाद सच्चाई सामने लाई है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।


