– वक्फ और शत्रु संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने की साजिश का पर्दाफाश
– पाकिस्तान जा चुके वारिसों की जमीन का हुआ अवैध सौदा
मोहम्मद आकिब खाँन
यूथ इंडिया फर्रुखाबाद: जिले की कायमगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर में सरकारी नियमों और राजस्व अभिलेखों को ताक पर रखकर ‘शत्रु संपत्ति’ और ‘वक्फ’ की श्रेणी में आने वाली कीमती जमीन को अवैध रूप से बेचने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज न होने के बावजूद एक व्यक्ति ने स्वयं को भूस्वामी दर्शाकर स्टाम्प पेपर के माध्यम से भूमि का विक्रय कर दिया।
ये है पूरा मामला
ग्राम कुबेरपुर की गाटा संख्या 170 स्थित भूखंड के मूल खातेदार फरजंद अली खां पुत्र विलायत अली खां थे। उनके विधिक वारिस अफ़सर अली खां और सरवर अली खां दशकों पहले भारत छोड़कर पाकिस्तान जा चुके हैं और वहां की नागरिकता ग्रहण कर चुके हैं। नियमानुसार, भारत छोड़कर पाकिस्तान जाने वाले व्यक्तियों की संपत्ति ‘शत्रु संपत्ति अधिनियम’ के दायरे में आती है। साथ ही यह भूमि वक्फ अभिलेखों में भी दर्ज बताई जा रही है।
आरोप है कि शफ़क़त अली खां उर्फ मियांलाल पुत्र हामिद अली खां जो मूल रूप से सिकंदरपुर महमूद (थाना शमशाबाद) के निवासी हैं और वर्तमान में कुबेरपुर में रह रहे हैं, का नाम इस भूमि की खतौनी में कहीं भी दर्ज नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने धड़ल्ले से खुद को मालिक बताते हुए स्टाम्प पेपर के जरिए इस विवादित भूमि का सौदा कर दिया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध सौदे को तत्काल शून्य घोषित किया जाए और आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। शत्रु संपत्ति और वक्फ बोर्ड की जमीन होने के कारण इस भूखंड की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। बिना किसी वैध मालिकाना हक के स्टाम्प पर किए गए इस विक्रय ने तहसील प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


