बलौदाबाजार-भाटापारा: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा (Baloda Bazar-Bhatapara) जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत खर्वे गांव में कथित जहरीली शराब (toxic liquor) पीने से हुई आठ ग्रामीणों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीणों के लगातार विरोध और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद शनिवार को पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में एक शव को कब्र से निकालकर जांच के लिए भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, खर्वे गांव में पिछले कुछ दिनों के भीतर आठ ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी मृतकों ने एक ही स्रोत से शराब का सेवन किया था और शराब पीने के कुछ ही मिनटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। ग्रामीणों का दावा है कि शराब में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ मिलाया गया था, जिसके कारण ये मौतें हुईं।
मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले बड़ी संख्या में कसडोल थाने का घेराव कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों के दबाव के बाद प्रशासन ने मामले की जांच को गंभीरता से लेते हुए शव परीक्षण के लिए विशेष कार्रवाई शुरू की।
शनिवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम खर्वे गांव पहुंची। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम की मौजूदगी में जेसीबी की मदद से कब्र की खुदाई कर एक शव को बाहर निकाला गया। निकाले गए शव की पहचान मैत्रु साहू के रूप में हुई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव और अन्य सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए रायपुर भेज दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यदि जांच में आवश्यकता महसूस हुई तो अन्य मृतकों के शवों को भी कब्र से निकालकर परीक्षण कराया जा सकता है।
ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शराब का सेवन करने के 10 से 15 मिनट के भीतर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और बाद में उनकी मौत हो गई। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन दिनों में गांव के आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि सभी ने कथित तौर पर वही शराब पी थी, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ी। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौतों के पीछे जहरीली शराब, किसी रासायनिक पदार्थ या अन्य कारण की भूमिका थी। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों के बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। अब सभी की निगाहें फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे आठ ग्रामीणों की मौत के पीछे की असल वजह सामने आ सकेगी।


