फर्रुखाबाद। जिले के ऐतिहासिक गुड़गांव देवी मंदिर को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग से 65 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद 13 जून को प्रस्तावित मंत्री के कार्यक्रम में मंदिर का उल्लेख न होने से चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मामले को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 65 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। इस परियोजना के शिलान्यास को लेकर मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी व्यापक तैयारियां की गई थीं। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अशोक रस्तोगी ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए कई दिनों से प्रयास किए थे।
सूत्रों के अनुसार 13 जून को प्रस्तावित कार्यक्रम में विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं का जिक्र किया गया है, लेकिन गुड़गांव देवी मंदिर परियोजना का नाम शामिल न होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि जब विभागीय स्तर पर धनराशि जारी हो चुकी है तो फिर शिलान्यास अथवा परियोजना की घोषणा को कार्यक्रम से बाहर क्यों रखा गया।
स्थानीय लोगों का मानना है कि गुड़गांव देवी मंदिर क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर विकास परियोजना का सार्वजनिक रूप से उल्लेख न होना आश्चर्यजनक है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर हैं कि आखिर इस मामले में स्थिति स्पष्ट कब की जाएगी।
वहीं राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या अंतिम समय में कार्यक्रम की रूपरेखा बदली गई या फिर किसी अन्य कारण से मंदिर परियोजना को सूची से बाहर रखा गया। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय श्रद्धालु अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि 65 लाख रुपये की स्वीकृत परियोजना का शिलान्यास जल्द होगा और मंदिर विकास कार्यों को गति मिलेगी।


