नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली (Delhi) में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़क अव्यवस्था से निपटने के लिए सरकार जल्द ही अत्याधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने जा रही है। गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना को कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रैफिक सिस्टम (traffic system) अगले तीन वर्षों में पूरी तरह जमीन पर उतर सकता है।
आईटीएमएस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित तकनीक पर काम करेगा। शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाने वाले स्मार्ट कैमरे व सेंसर वाहनों की संख्या और ट्रैफिक दबाव का रियल-टाइम विश्लेषण करेंगे। इसके आधार पर ट्रैफिक सिग्नलों का समय स्वतः निर्धारित होगा, जिससे अनावश्यक रुकावट और जाम में कमी आने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कैमरे तुरंत वाहन की नंबर प्लेट पहचानेंगे और स्वचालित ई-चालान जारी कर देंगे। पूरा डेटा एक केंद्रीय कमांड सेंटर में लाइव उपलब्ध रहेगा, जिससे दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। एम्बुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने में भी यह तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।
दिल्ली को जाम-मुक्त बनाने के उद्देश्य से फरवरी में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन संगम’ के तहत ट्रैफिक पुलिस आरडब्ल्यूए और मार्केट एसोसिएशनों के साथ मिलकर समाधान तलाश रही है। हालांकि, अब तक इसके परिणाम अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दिए हैं।
स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए शहर के 92 में से 50 वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) बोर्ड अपग्रेड किए जा चुके हैं। ये बोर्ड अब ड्राइवरों को रियल-टाइम ट्रैफिक जाम, रूट डायवर्जन, दुर्घटना अलर्ट, मौसम संबंधी जानकारी और अनुमानित यात्रा समय जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटीएमएस के पूर्ण क्रियान्वयन तक दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक सुधार लाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि, मौजूदा कदम भविष्य की स्मार्ट और सुगम यातायात व्यवस्था की मजबूत नींव साबित हो सकते हैं।


