मैनपुरी। जनपद के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव रामनगर में वर्ष 2023 में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को दोषी ठहराया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिष्णु कुमार मिश्रा ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी सर्वेश को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं साक्ष्य के अभाव में चार अन्य आरोपितों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
मामले के अनुसार, भोगांव थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी कैलाश सिंह का गांव के ही सर्वेश और उसके परिजनों से जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते 23 अक्तूबर 2023 को सर्वेश ने कैलाश सिंह की पत्नी को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी और परिजनों ने सर्वेश समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।
पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने सर्वेश को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
वहीं इस मामले में सहआरोपी आकाश, आदर्श उर्फ आशु, उमाचरन और रामप्रकाश के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद एक ओर जहां मृतका के परिजनों को न्याय मिलने का संतोष है, वहीं बरी हुए आरोपितों के परिवारों ने राहत की सांस ली है।
इसके अलावा पुलिस द्वारा आरोपी सर्वेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया था, जिसके संबंध में अलग से मुकदमा चलाया गया। इस मामले में भी न्यायालय ने सर्वेश को दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस फैसले को जिले में न्यायिक व्यवस्था की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में त्वरित और कठोर सजा से अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और समाज में कानून व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


