औरैया
जनपद के दिबियापुर कस्बे में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जमीन पर बने 348 अवैध मकानों और दुकानों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बुधवार को प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सुबह से ही अधिकारियों की सक्रियता और मुनादी के चलते दुकानदारों और मकान मालिकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपना सामान खुद ही हटाने में जुट गए।
दिनभर चली इस कार्रवाई की तैयारियों के बीच प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय रहा। एडीएम अविनाश चंद्र मौर्य, एएसपी आलोक मिश्रा, एसडीएम अजय आनंद, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अमर सिंह, सीओ अशोक कुमार सिंह और जिला अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह समेत कई अधिकारी पहले थाने में बैठक कर रणनीति बनाई। इसके बाद टीम ने कंचौसी नहर पुल से लेकर नहर बाजार क्षेत्र तक पैदल भ्रमण कर चिन्हित दुकानदारों और मकान मालिकों को रात तक स्वयं सामान हटाने की सख्त चेतावनी दी।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि 16 अप्रैल की सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा और यदि किसी ने खुद से निर्माण नहीं हटाया तो मलबा जब्त कर उसकी लागत भी संबंधित व्यक्ति से वसूली जाएगी। इस दौरान कई दुकानदारों ने अपने-अपने स्टे ऑर्डर भी दिखाए, जिनकी मौके पर जांच के निर्देश दिए गए। कुछ स्थानों पर सही तरीके से लाल निशान न लगाए जाने पर एडीएम ने संबंधित विभागों को तत्काल मानकों के अनुरूप चिन्हांकन करने के निर्देश भी दिए।
कार्रवाई की आशंका के बीच नहर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर मुनादी होती रही और कई दुकानदार अपने प्रतिष्ठान खाली करते नजर आए। सड़क किनारे लगे ठेलों को भी हटाने की चेतावनी दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
हालांकि, दिनभर की इस हलचल के बाद शाम होते-होते प्रशासन का रुख अचानक बदल गया और फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी गई। बिधूना क्षेत्राधिकारी पी. पुनीत मिश्रा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गुरुवार को दिबियापुर में अतिक्रमण हटाने का अभियान नहीं चलाया जाएगा। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।


