संभल जिले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की संरक्षित भूमि पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को कैलादेवी थाना क्षेत्र के सौंधन मोहम्मदपुर गांव में बुलडोजर चलाकर दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जबकि कई ग्रामीणों ने दबाव में आकर खुद ही अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए।
जानकारी के अनुसार, लगभग 3600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह भूमि ऐतिहासिक किले का हिस्सा है, जिसे ASI द्वारा संरक्षित किया गया है। इस क्षेत्र में करीब 30 से 32 मकानों का अवैध निर्माण किया गया था, जिसे हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई के निर्देश पर की गई। इससे पहले दोनों अधिकारियों ने कारवां सराय गेट का निरीक्षण किया था, जिसके बाद अवैध कब्जे हटाने के आदेश जारी किए गए थे।
रविवार दोपहर करीब 3 बजे राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम में कानूनगो शिवदयाल सिंह, हल्का लेखपाल नीरज कुमार और पुलिस चौकी प्रभारी राजकुमार शामिल थे। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों ने स्वयं ही मकान तोड़ने शुरू कर दिए।
इस दौरान शिवराम और केहर सिंह के मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया, जबकि यशवीर के मकान को आंशिक रूप से हटाने के निर्देश दिए गए। वहीं कुछ ग्रामीणों ने आठ दिन का समय मांगकर राहत की अपील की है।
लेखपाल नीरज कुमार ने बताया कि ASI की लगभग साढ़े पांच बीघा भूमि पर किले का निर्माण है, जिसमें से ढाई से तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि बाकी कब्जाधारियों को भी जल्द भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी बताया कि जिन 15 से 16 लोगों के पास रहने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, उन्हें ग्राम समाज की भूमि पर 200 गज जमीन आवंटित करने पर विचार किया जा रहा है।
फिलहाल कार्रवाई जारी है और प्रशासन का कहना है कि ऐतिहासिक संरक्षित भूमि को पूरी तरह अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।


