– नवाबगंज में सुबह 5 बजे तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश,
– खेत बने तालाब किसानों ने मांगी प्रशासन से राहत
नवाबगंज। शनिवार तड़के करीब पांच बजे हुई बेमौसम मूसलाधार बारिश ने नवाबगंज क्षेत्र के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों और निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे कटकर खेतों में पड़ी मक्का की फसल पानी में डूब गई। अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
क्षेत्र के अनेक किसानों की मक्का की फसल कटाई के बाद खेतों में सुखाने और समेटने के लिए रखी गई थी। लेकिन सुबह हुई तेज बारिश ने हालात ऐसे बना दिए कि खेत तालाब में तब्दील हो गए। पानी भरने से कटी हुई मक्का के सड़ने और दानों के काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
किसानों का कहना है कि इस वर्ष उन्होंने बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ मक्का की खेती की थी। फसल तैयार होने के बाद कटाई भी करा दी गई थी, लेकिन प्रकृति की इस मार ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। खेतों में कई-कई फीट तक पानी भर जाने से फसल को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अवसर भी नहीं मिल सका।
किसान मुकेश दास ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने आठ बीघा में मक्का की फसल बोई थी। रात तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन सुबह अचानक हुई बारिश ने पूरा खेत तालाब बना दिया। कटी हुई फसल पानी में डूब गई है। अब समझ नहीं आ रहा कि नुकसान की भरपाई कैसे होगी।”
मौके पर मौजूद किसान राज कुमार, विनीत राजपूत, जितेंद्र सिंह, रूपसिंह, महाबीर, मुकेश, भूरे, रिंकू, पुरुषोत्तम, अंशुल, अब्दुल खान और रहमान सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि यदि जल्द ही खेतों से पानी नहीं निकला तो फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।


