– खनन बहुल जिलों सहारनपुर, चित्रकूट और फतेहपुर में बदले गए अधिकारी,
– अवैध खनन पर नकेल कसने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में हुए इस बदलाव को सरकार की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। तबादला सूची में एक सहायक भूवैज्ञानिक, एक सहायक रसायन अधिकारी, एक क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारी और 11 जिला खान अधिकारी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा उन जिलों को लेकर है जहां खनन गतिविधियां बड़े पैमाने पर संचालित होती हैं। सरकार ने सहारनपुर, चित्रकूट, फतेहपुर और अन्य महत्वपूर्ण जिलों में तैनात अधिकारियों को बदलकर स्पष्ट संकेत दिया है कि खनन व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार नरेश कुमार को संतकबीरनगर से फतेहपुर भेजा गया है, जबकि विपेंद्र कुमार राजभर को फतेहपुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है। विवेक कुमार को श्रावस्ती से चित्रकूट और मन्टू कुमार सिंह को चित्रकूट से मैनपुरी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिव दयाल सिंह को मैनपुरी से सुल्तानपुर भेजा गया है।
इसके अलावा सुभाष सिंह को पीलीभीत से मथुरा, अक्षय कुमार को मथुरा से संतकबीरनगर तथा प्रांजुल सिंह को उन्नाव से पीलीभीत स्थानांतरित किया गया है। गोपाल कृष्ण दत्ता को मुख्यालय लखनऊ से ललितपुर भेजा गया है। अनंत कुमार को कानपुर देहात से सहारनपुर तथा सहारनपुर में तैनात अधिकारी को कानपुर देहात की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने सहायक भूवैज्ञानिक सोमेन्द्र तिवारी को मुख्यालय लखनऊ से फतेहपुर का प्रभारी बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। वहीं सहायक रसायन अधिकारी डॉ. सुशील कुमार को बिजनौर का खान अधिकारी नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय प्रवर्तन अधिकारी अनन्त कुमार सिंह को अयोध्या के साथ बाराबंकी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
खनन विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि सरकार खनन क्षेत्रों में पारदर्शिता बढ़ाने, राजस्व संग्रह को मजबूत करने और अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नई रणनीति के तहत अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल रही है।


