कासगंज: कासगंज जिले के सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के देहली बुजुर्ग गांव के एक परिवार के पांच सदस्यों की बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले में हुए सड़क हादसे (road accident) में मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हैं। इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के शव गांव पहुंचने का इंतजार किया जाता रहा और शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मृतकों में 60 वर्षीय रामदीन वर्मा, उनके 28 वर्षीय बेटे लोकेंद्र, परिवार की महिला बबिता, 55 वर्षीय कार चालक शिवशेखर मिश्रा और लोकेंद्र की एक वर्षीय बेटी प्रगति शामिल हैं। हादसे में लोकेंद्र की पत्नी लक्ष्मी और उनके दो बच्चे प्रतीक व अनिका घायल हुए हैं. तीनों का उपचार जारी है। देहली बुजुर्ग निवासी रामदीन वर्मा खेती करते थे। उनके बेटे लोकेंद्र की बेटी प्रगति का जन्म पिछले वर्ष हुआ था, बच्ची के जन्म के बाद परिवार ने बेलोन वाली माता के यहां उसका मुंडन संस्कार कराने की मन्नत मांगी थी।
इसी धार्मिक परंपरा को पूरा करने के लिए परिवार शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे ईको कार से रवाना हुआ था। लोकेंद्र, उनकी बेटी प्रगति, पत्नी लक्ष्मी, परिवार की बबिता और दोनों बच्चे प्रतीक व अनिका यात्रा पर थे। बेलोन पहुंचने से पहले परिवार ने करणवास और खादिराबाद में दर्शन किए थे। इसके बाद बेलोन जाते समय उनकी कार पेड़ से टकरा गई। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे गांव में दुर्घटना की खबर पहुंची। सिढ़पुरा पुलिस को भी हादसे की जानकारी मिली थी। पुलिसकर्मियों ने गांव पहुंचकर प्रधान को बताया कि दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हुई है और तीन लोग घायल हुए हैं।
सूचना मिलने के बाद रामदीन के घर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी, स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया। परिवार के सदस्य और कई ग्रामीण घटनास्थल की ओर रवाना हुए, जबकि शाम तक रिश्तेदार भी गांव पहुंचने लगे। परिवार जिस बच्ची के मुंडन संस्कार के लिए धार्मिक यात्रा पर निकला था, उसकी भी हादसे में मौत हो गई। बच्ची के जन्म के बाद धार्मिक स्थल पर मुंडन कराने की परंपरा निभाने के लिए परिवार यात्रा कर रहा था, लेकिन रास्ते में दुर्घटना ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
हादसे में पिता और बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्यों के साथ चालक शिवशेखर मिश्रा की भी जान चली गई। घायल लक्ष्मी, पांच वर्षीय प्रतीक और 11 वर्षीय अनिका का उपचार चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम शुक्रवार को गांव पहुंची और हालात का जायजा लिया। शनिवार को मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम संस्कार किस स्थान पर होगा, इसका निर्णय परिवार के सदस्यों से चर्चा के बाद किया जाएगा।


