फर्रुखाबाद। विद्युत विभाग में नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थानांतरण, प्रतिस्थापन और समायोजन में अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने के बाद तीन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
मामला उस शिकायत से जुड़ा है, जिसे जनपद प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था समीक्षा बैठक में सांसद द्वारा उठाया गया था। शिकायत के परीक्षण के लिए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
जांच समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि कर्मचारियों के स्थानांतरण, प्रतिस्थापन एवं समायोजन की प्रक्रिया निर्धारित मानकों और स्थापित नियमों के अनुरूप नहीं अपनाई गई। संबंधित अधिकारियों द्वारा पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्य एवं स्पष्ट विवरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमबद्धता पर प्रश्नचिह्न लगा।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने तत्कालीन अधीक्षण अभियंता अजय कुमार, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण) सुशील कुमार तथा अधिशासी अभियंता, कायमगंज शिव शंकर को दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को संस्तुति पत्र भेज दिया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।


