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Tuesday, June 9, 2026

शातिर अवधेश मिश्रा के गैंग की विषकन्या की ज़मानत अर्जी ख़ारिज

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– इशारे पर फर्जी मुकदमे में फंसाकर करती थी बसूली

फर्रुखाबाद। फर्जी बलात्कार के मुकदमों में लोगों को फंसाकर धन उगाही करने के गंभीर आरोपों में जेल भेजी गई शातिर वकील अवधेश मिश्रा गैंग की महिला आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

अदालत में प्रस्तुत अभिलेखों के अनुसार कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 271/2025 में आरोपी मीनू शर्मा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी 15 मई 2026 से जिला कारागार में निरुद्ध है।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने एफआईआर और पुलिस जांच का हवाला देते हुए अदालत को बताया कि आरोपी पर लोगों को फर्जी मुकदमों में फंसाने का भय दिखाकर धन उगाही करने के आरोप हैं।

अदालती आदेश के अनुसार वादी ने आरोप लगाया है कि पहले उससे एक लाख रुपये, फिर 50 हजार रुपये और बाद में पुनः एक लाख रुपये लिए गए। इसके बाद भी पांच लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर यह धनराशि वसूली गई।

अदालत के समक्ष प्रस्तुत थाना जहानगंज की आख्या में भी उल्लेख किया गया कि आरोपी कथित रूप से अन्य व्यक्तियों के कहने पर धन के लालच में लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने, मनगढ़ंत कहानियां गढ़ने और विभिन्न व्यक्तियों के नाम जोड़ने-घटाने का कार्य करती रही है। पुलिस ने अपनी जांच में धन उगाही और फर्जी मुकदमों में फंसाने के आरोपों की पुष्टि होने का दावा किया।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपों की प्रकृति गंभीर है तथा प्रकरण विचारणीय है। उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसी आधार पर आरोपी मीनू शर्मा की ओर से दाखिल प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया।

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