लखनऊ। न्यायालय परिसर में बढ़ती दबंगई, मारपीट, जमीन कब्जाने के विवाद और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं के बाद लखनऊ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। अब ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय में विशेष शिकायत प्रकोष्ठ बनाया गया है। इस प्रकोष्ठ में कोई भी पीड़ित व्यक्ति सीधे शिकायत दर्ज करा सकेगा, जिसकी जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिवक्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने डीसीपी (कानून व्यवस्था) को इस विशेष प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी बनाया है। शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अलग व्यवस्था की गई है, ताकि दबंगई के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
यह निर्णय हाल ही में डीएवी कॉलेज में जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद, न्यायालय परिसर में हंगामे और अधिवक्ताओं पर लगे गंभीर आरोपों के बाद लिया गया। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने भी पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी।
सूत्रों के अनुसार, मामले में एक आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी भी की जा रही है।
शिकायतों की जांच के बाद दोषी पाए जाने पर एफआईआर सहित कानूनी कार्रवाई होगी।
शिकायत मोबाइल नंबर 9454634500 के माध्यम से भी दर्ज कराई जा सकती है।
प्रत्येक शिकायत का रिकॉर्ड तैयार कर उसकी निगरानी की जाएगी।
प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अदालत परिसरों में मारपीट, धमकी, कब्जे और अवैध दबाव बनाने जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।


