फतेहपुर
आर्यन चायवाला प्रकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सुल्तानपुर घोष क्षेत्र से जुड़े इस मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह आमने-सामने आ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
दरअसल, अखिलेश यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री रणवेंद्र सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर कछुआ तस्करी, मोरम खनन और अवैध शराब कारोबार जैसे मामलों से जुड़े होने की बात कही, साथ ही इस प्रकरण में बड़े खुलासों की संभावना भी जताई।
इन आरोपों के बाद पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। धुन्नी सिंह ने साफ कहा कि उनकी छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे वह किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे।
धुन्नी सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इन आरोपों के ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए, तो वे अखिलेश यादव के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कानूनी नोटिस भी भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला तब और चर्चा में आया जब 20 फरवरी को अखिलेश यादव फतेहपुर दौरे पर पहुंचे थे और उन्होंने आर्यन चायवाले की दुकान पर चाय पी थी। इसके बाद यह छोटा सा प्रसंग धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और दुकान पर छापेमारी के बाद यह विवाद और बढ़ गया।
फिलहाल दोनों पक्षों के तीखे बयानों से फतेहपुर की सियासत गरमाई हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।


