फर्रुखाबाद। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) कृष्ण कुमार यादव के लंबे अवकाश पर जाने के बाद एआरटीओ कार्यालय की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले तीन दिनों से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस, नामांतरण (ट्रांसफर) स्वीकृतियां सहित अधिकांश महत्वपूर्ण कार्य बंद पड़े हैं, जिससे दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले सैकड़ों आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार एआरटीओ प्रशासन मंगलवार से अवकाश पर हैं। उनके अवकाश पर जाने के बाद कार्यालय में कई आवश्यक कार्यों की प्रक्रिया ठप हो गई है। सबसे अधिक दिक्कत स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को हो रही है। कार्यालय में प्रतिदिन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 105 स्लॉट निर्धारित हैं, जिनमें से अधिकांश दिनों में 80 से 90 स्लॉट तक बुक हो जाते हैं। ऐसे में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग लाइसेंस संबंधी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण उनके फोटो तक नहीं खींचे जा रहे हैं।
आवेदकों का कहना है कि वे कई किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्रों से किराया खर्च कर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि काम बंद है। इसके बावजूद लोगों को पहले से कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। कई लोगों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है ताकि जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकारी की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर कई काउंटरों पर तैनात लिपिक भी नदारद दिखाई दिए। कार्यालय के कई काउंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों को आवश्यक जानकारी तक उपलब्ध नहीं हो सकी। इससे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों और वाहन स्वामियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की तैनाती कर लंबित कार्यों को शुरू कराए, जिससे जनता को राहत मिल सके और एआरटीओ कार्यालय की व्यवस्था पटरी पर लौट सके। फिलहाल सैकड़ों फाइलें लंबित पड़ी हैं और आवेदक अपने काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।


