नई दिल्ली। दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क ने भारत में लगातार घट रही जन्म दर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रजनन दर अब उस स्तर से भी नीचे पहुंच गई है, जिसे जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है। मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत की जन्म दर प्रतिस्थापन स्तर से नीचे चली गई है और शिक्षित वर्ग में यह गिरावट कई वर्ष पहले ही दिखाई देने लगी थी।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) पिछले एक दशक में 2.3 से घटकर 1.9 पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए प्रजनन दर का लगभग 2.1 होना आवश्यक माना जाता है। इससे नीचे जाने पर लंबे समय में जनसंख्या वृद्धि की गति धीमी पड़ सकती है और भविष्य में आबादी में गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी New Delhi की प्रजनन दर केवल 1.2 है, जो कई विकसित देशों से भी कम बताई जा रही है। जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, उच्च शिक्षा, करियर प्राथमिकताएं, बढ़ती जीवन-यापन लागत और परिवार नियोजन के प्रति बढ़ती जागरूकता जन्म दर में गिरावट के प्रमुख कारण हैं।
एलन मस्क पहले भी दुनिया के कई देशों में घटती जन्म दर को लेकर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना रहा है कि यदि जन्म दर लगातार कम होती रही तो भविष्य में कई देशों को श्रमशक्ति की कमी, वृद्ध आबादी में वृद्धि और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत में जन्म दर को लेकर उनकी ताजा टिप्पणी ने जनसंख्या और विकास से जुड़े मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है।


