डूबते जहाज़ से बचने की कोशिश में भाजपाई नेता : अखिलेश
लखनऊ। प्रदेश में लगातार गहराते बिजली संकट और भीषण गर्मी के बीच समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रदेश में “महा विद्युत आपदा” जैसी स्थिति पैदा हो चुकी है और जनता बिजली कटौती, पानी की किल्लत तथा असहनीय गर्मी से त्रस्त है, जबकि भाजपा के विधायक और सांसद जनता के बीच बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए केवल दिखावटी चिट्ठियां लिख रहे हैं।
सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा अपनी ही सरकार को लिखे जा रहे पत्र वास्तव में “जनहित के पत्र” नहीं, बल्कि आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक ज़मीन बचाने की कोशिश हैं। बयान में कहा गया कि भाजपा के कई जनप्रतिनिधि अब जनता के गुस्से को भांप चुके हैं और भविष्य की राजनीति बचाने के लिए विपक्ष की ओर देखने लगे हैं।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि प्रदेश के गांवों और शहरों में लंबे समय तक हो रही बिजली कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भीषण गर्मी में बुजुर्ग, बीमार, बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। पानी की समस्या और बिजली संकट के कारण घर-घर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सपा ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की तकलीफों के समाधान के बजाय केवल नारेबाजी और प्रचार में व्यस्त है।
बयान में भाजपा सरकार के “डबल इंजन” मॉडल पर भी निशाना साधते हुए कहा गया कि सरकार और उसके अफसरों के बीच तालमेल पूरी तरह खत्म हो चुका है। सपा ने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों को समस्या समाधान के लिए आगे किया गया था, वही अब जनता के लिए “आपदा” बन चुके हैं। पार्टी ने सरकार पर भ्रष्टाचार और खजाना भरने की राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
सपा ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार जान चुकी है कि अब वह दोबारा सत्ता में नहीं लौटेगी, इसलिए जनता की मांगों और परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बयान के अंत में पार्टी ने नारा दिया— “जन-जन कहे आज का, भार बन गयी भाजपा।”


