नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भारत वापसी से ठीक पहले अपने समर्थकों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी कर राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। 6 जून को दिल्ली पहुंचने वाले दिपके ने वीडियो जारी कर समर्थकों से स्पष्ट रूप से कहा है कि वे एयरपोर्ट पर किसी भी प्रकार की भीड़ न जुटाएं और न ही किसी तरह का प्रदर्शन करें।
दिपके ने अपने संदेश में कहा कि उनकी पार्टी कानून और संविधान में विश्वास रखती है तथा सभी समर्थकों को भी कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने अपील की कि कोई भी कार्यकर्ता दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत या शक्ति प्रदर्शन के लिए न पहुंचे।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के बीच एयरपोर्ट पर बड़े स्वागत की चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे माहौल में दिपके का अचानक संयमित रुख अपनाना राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींच रहा है। कई लोग इसे रणनीतिक बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
अपने वीडियो संदेश में दिपके ने यह भी संकेत दिया कि भारत लौटने के बाद उनका अगला राजनीतिक निशाना शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू करेगी। इससे साफ है कि एयरपोर्ट पर शक्ति प्रदर्शन से दूरी बनाने के बावजूद दिपके टकराव की राजनीति से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एयरपोर्ट पर भीड़ न जुटाने की अपील प्रशासनिक और कानूनी विवादों से बचने की रणनीति भी हो सकती है। वहीं समर्थकों का एक वर्ग इसे जिम्मेदार राजनीतिक व्यवहार बता रहा है। हालांकि विरोधी दलों और आलोचकों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या दिपके ने संभावित प्रशासनिक सख्ती या अन्य कारणों को देखते हुए अपना रुख बदला है।
फिलहाल अभिजीत दिपके के इस बयान ने उनकी वापसी से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। अब सबकी निगाहें 6 जून पर टिकी हैं, जब वह दिल्ली पहुंचेंगे और संभवतः अपने अगले राजनीतिक अभियान का औपचारिक ऐलान करेंगे।


