झांसी। प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गौ संरक्षण और बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। गौ रक्षा यात्रा पर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने झांसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहन लेने से कोई साधु नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि लोगों पर बुलडोजर चलाने वाला व्यक्ति साधु नहीं हो सकता।
झांसी के कुंजबिहारी मंदिर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रदेश में गौ संरक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकारें गौ सेवा और गौ रक्षा के दावे तो करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर गायों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गौ संरक्षण वास्तव में प्राथमिकता है तो प्रदेश में गौशालाओं और गौवंश की दुर्दशा क्यों दिखाई देती है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल अपने घोषणा पत्र में गौमाता के संरक्षण और सम्मान को प्रमुखता देगा, जनता उसी दल को सत्ता की चाबी सौंपेगी। उनके इस बयान को सीधे तौर पर भाजपा और विपक्षी दलों के लिए संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने कथा वाचक धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि वह लोगों का भविष्य बता सकते हैं तो सरकार को उनसे संपर्क कर भविष्य की चुनौतियों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले कई महीनों से गौ संरक्षण, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और सरकारों की नीतियों को लेकर लगातार मुखर रहे हैं। झांसी में दिया गया उनका यह बयान अब प्रदेश की राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।


