बेंगलुरु। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि वह 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, हालांकि सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रहकर जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे।
सिद्धारमैया ने कहा कि “आज राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है। ईमानदार राजनीति के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।” उन्होंने कहा कि चुनावों में धनबल का बढ़ता प्रभाव लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है।
करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह 1978 से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2028 तक उनकी आयु 81–82 वर्ष हो जाएगी, इसलिए अब चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहेंगे और उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे।
सिद्धारमैया के इस ऐलान को कर्नाटक की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। उनके निर्णय के बाद कांग्रेस में नई पीढ़ी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


