शिमला। हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में शनिवार को बारिश के बावजूद मतदाताओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। प्रदेश की 1,189 पंचायतों के 6,615 वार्डों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं और कई जिलों में पिछले दोनों चरणों की तुलना में अधिक मतदान दर्ज किया गया।
पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे जगत प्रकाश नड्डा विशेष रूप से अपने पैतृक गांव पहुंचे और परिवार के साथ मतदान किया। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसार देई ने भी मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताई। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की 86 वर्षीय माता बृकु देवी ने भी मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान के शुरुआती चार घंटों में ही करीब 42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पुरुष मतदाताओं की संख्या भी महिलाओं से अधिक दर्ज की गई। सिरमौर जिला मतदान प्रतिशत के मामले में सबसे आगे रहा, जबकि कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, सोलन और चंबा समेत अन्य जिलों में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।
मतदान प्रक्रिया के दौरान अधिकांश केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू रही, हालांकि ऊना जिले के कुछ मतदान केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से मतदान कर्मियों को मोबाइल फोन की रोशनी में कार्य करना पड़ा। इसके बावजूद मतदान प्रभावित नहीं हुआ और लोगों ने पूरे उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सफल बताया है। तीसरे चरण के मतदान के साथ ही प्रदेश में पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न हो गई है। अब सभी की निगाहें मतगणना और परिणामों पर टिकी हैं, जो प्रदेश के ग्रामीण नेतृत्व की नई तस्वीर तय करेंगे।


