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Wednesday, April 29, 2026

आलू किसानों की हुंकार रंग लाई: राजभवन तक गूंजा दर्द

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– फर्रुखाबाद में खुला प्रदेश का पहला खरीद केंद्र
फर्रुखाबाद/लखनऊ। आलू किसानों के लंबे संघर्ष और “आलू किसान बचाओ यात्रा” का असर आखिरकार दिख गया। राजभवन, राजभवन लखनऊ तक अपनी आवाज पहुंचाने के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है। फर्रुखाबाद की सातनपुर आलू मंडी में राज्य का पहला सरकारी आलू खरीद केंद्र खोल दिया गया, जिससे किसानों में उत्साह और उम्मीद दोनों नजर आ रही है।
इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन करने लखनऊ से उद्यान निदेशक वीपी राम और HAFED के प्रबंध निदेशक शैलेंद्र कुमार सुमन पहुंचे। उद्घाटन के दौरान मंडी परिसर में किसानों की भारी भीड़ जुटी, जो अपने हक की इस पहली जीत को ऐतिहासिक बता रही थी।
इस मौके पर किसान नेता अशोक कटियार, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, राजीव यादव ‘लालू’, पूर्व मंडी अध्यक्ष रिंकू वर्मा, मंडी सचिव सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पीडीओ ने सभी अतिथियों और किसानों का आभार व्यक्त किया।
किसान नेता अशोक कटियार ने साफ कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, असली समाधान तब होगा जब फर्रुखाबाद में आलू आधारित उद्योग स्थापित होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य और स्थायी व्यवस्था नहीं मिलती, तब तक “सड़क से संसद तक संघर्ष” जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में हर साल लाखों टन आलू उत्पादन होता है, लेकिन भंडारण, प्रसंस्करण और उचित मूल्य न मिलने के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। कई बार लागत से भी कम कीमत मिलने से किसान कर्ज में डूब जाते हैं।
इस खरीद केंद्र के खुलने से उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा और बिचौलियों की भूमिका सीमित होगी। हालांकि, सवाल अभी भी बाकी हैं क्या यह पहल पूरे प्रदेश में लागू होगी? क्या खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और लगातार जारी रहेगी?

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